खाप पंचयत ''81''
"नही मैं अपनी माँ समान भौजाई को चूड़ी नही पहना सकता। मुझे इनके साथ ब्याह नही करना नाबालिग रामू ने डरते हुए कह दिया।, रूपा का पति जहरीली शराब पीने से मर गया। तब से ही रूपा के ससुराल वालो की उस पर नजर थी और घर के सबसे छोटे लड़के के साथ उसका नाता करना चाहते थे। रूपा तो शर्म से धरती में समा जाना चाहती थी। जब वो किसी भी तरह नही मानी तो उसके ससुर ने खाप पंच को मामला सौप दिया। खाप ने उस नाबालिग देवर के साथ नाता करने का तुगलकी फरमान सुना दिया। अगले दिन रूपा किसी भी तरह से शहर पहुँच गयी और आप बीती सुनाई । पुलिस ने उसे रक्षा का आश्वासन दिया । अगले कुछ ही घण्टो बाद रूपा नाबालिग देवर की पत्नी थी।
शान्ति पुरोहित
शान्ति पुरोहित
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